राखी के घर से अक्सर उसके माँ और पिताजी की लड़ाई की ख़बरें आती रहती . सामान्य बहस से शुरू हुई बात पिताजी द्वारा मारपीट ,माँ के रोने धोने तक पहुँच जाती . पिताजी अंत में बाहर निकल जाते .तो माँ का गरियाना शुरू हो जाता - ये लड़की तो सौत है सौत . सुन कर हैरानी होती कोई बेटी माँ की अपनी माँ की सौत ? ऐसा गजब भी कहीं हुआ है ?
एक दिन राखी घर आई तो मैंने प्रश्न की नजरों से देखा -
राखी ने जो उत्तर दिया वह तो और भी हैरान करने वाला था - ये औरत तो है ही इसी काबिल . आने दे पिताजी को बता दूँगी इसने सारा दूध उबाल दिया दूध साफ़ करने लगी तो चीनी का डिब्बा भी उल्टा दिया .
फिर ?
फिर क्या पिताजी फिर पीटेंगे . मज़ा आएगा .
ऐसा ?
हाँ मै तो रोज ही करती हूँ .जिस दिन बिना बात डांटती है , उस दिन तो दो बार . कभी तो सुधरेगी .
माँ ने राखी को डांट के भगा दिया था मुझे हिदायत मिली थी ऐसी बदतमीज लडकी से दूर रहने की .
माँ राम राम कहती अन्दर चली गयी थी .दादी को कह रही थी - लड़की बिगाड़ दी दादी ने . शुरू शुरू में अपनी बात को सही करने के लिए इस लडकी को गवाह बनाती थी ताकि मियां बीबी में झगड़ा करवा सके . अब दादी मर गई तो पोती ने राम कटोरी का जीना दूभर कर रखा है भला ऐसी भी होती है बेटियां ?
दादी ने पता नही क्या कहा क्या नहीं ?
पर राम कटोरी के रोने की आवाज अब तक आ रही थी
एक दिन राखी घर आई तो मैंने प्रश्न की नजरों से देखा -
राखी ने जो उत्तर दिया वह तो और भी हैरान करने वाला था - ये औरत तो है ही इसी काबिल . आने दे पिताजी को बता दूँगी इसने सारा दूध उबाल दिया दूध साफ़ करने लगी तो चीनी का डिब्बा भी उल्टा दिया .
फिर ?
फिर क्या पिताजी फिर पीटेंगे . मज़ा आएगा .
ऐसा ?
हाँ मै तो रोज ही करती हूँ .जिस दिन बिना बात डांटती है , उस दिन तो दो बार . कभी तो सुधरेगी .
माँ ने राखी को डांट के भगा दिया था मुझे हिदायत मिली थी ऐसी बदतमीज लडकी से दूर रहने की .
माँ राम राम कहती अन्दर चली गयी थी .दादी को कह रही थी - लड़की बिगाड़ दी दादी ने . शुरू शुरू में अपनी बात को सही करने के लिए इस लडकी को गवाह बनाती थी ताकि मियां बीबी में झगड़ा करवा सके . अब दादी मर गई तो पोती ने राम कटोरी का जीना दूभर कर रखा है भला ऐसी भी होती है बेटियां ?
दादी ने पता नही क्या कहा क्या नहीं ?
पर राम कटोरी के रोने की आवाज अब तक आ रही थी
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